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走向共和女子买柿子柿柄长满白色小蘑菇,网友感叹现实版“好柿多蘑”,当事人:已寄送昆明植物研究所_我的网站
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B | राज्य ब्यूरो, पटना। सरकार मखाना किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना को स्वीकृति दी है। योजना का क्रियान्वयन वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2026-27 तक किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि इसके लिए कुल 16 करोड़ 99 लाख 11 हजार 930 रुपये की स्वीकृत दी गई है। योजना के तहत स्वर्ण वैदेही व सबौर मखाना-1 की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।,कृषि विभाग का लक्ष्य 16 जिलों कटिहार, पूर्णिया, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, समस्तीपुर, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण एवं मुजफ्फरपुर में मखाना की खेती का क्षेत्र विस्तार करना है। इसके तहत किसानों को उन्नत प्रभेदों का बीज उपलब्ध कराया जाएगा, परंपरागत उपकरण किट दी जाएगी तथा बीज उत्पादन और वितरण को प्रोत्साहित कर किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मखाना की खेती दिसंबर माह से शुरू होकर अगस्त के अंतिम सप्ताह में पूरी होती है। इसी कारण योजना का कार्यान्वयन दो वित्तीय वर्षों में किया जाएगा। योजना अंतर्गत डीबीटी पंजीकृत नए किसानों का चयन किया जाएगा, जो पहली बार खेत प्रणाली से मखाना की खेती करेंगे।,मखाना खेती की इकाई लागत 0.97 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है, जिसमें बीज, इनपुट और हार्वेस्टिंग की लागत शामिल है। इसमें किसानों को 75 प्रतिशत यानी 72,750 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायतानुदान दो किस्तों में प्रदान किया जाएगा।,उन्होंने कहा कि योजना में मखाना के उन्नत प्रभेद स्वर्ण वैदेही एवं सबौर मखाना-1 का बीज उत्पादन कराया जाएगा। इसके अलावा, किसानों को परंपरागत उपकरण जैसे औका/गांज, कारा, खैंचि, चटाई, अफरा, थापी आदि उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए प्रति किट 22,100 रुपये की अनुमानित लागत तय की गई है, जिसमें से 75 प्रतिशत यानी 16,575 रुपये प्रति किट का अनुदान दिया जाएगा। योजना से लाभान्वित किसानों में 30 प्रतिशत महिला कृषकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।。 Current article:http://www.liawucunsainantaonao.sbs/nfd/20260826/9732140.htm Published on:15:49:56 |


