兰戈
书名:毛骨悚然撞鬼经|作者:笑无语|本书类别:古言|更新时间:00:00:12|字数:3896字
A | 8月20日,滦南县姚王庄镇,田间地头随处可见村民们忙碌的身影。他们不是忙着采摘蔬菜,而是将一车车的废弃辣椒秧送往集中堆放点。“以前每年这时候,大棚辣椒结束采摘后,辣椒秧咋处理很让人头疼。 डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार (27 अगस्त, 2025) को मध्य प्रदेश के महू में रण-संवाद 2025 कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि आने वाले समय में युद्ध कैसे लड़ा जाएगा। साथ ही रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि भारत कभी पहले आक्रमण नहीं करता लेकिन अगर चुनौती मिलती है तो उसका पूरी ताकत के साथ जवाब दिया जाएगा।,राजनाथ सिंह ने कहा, "कार्यक्रम का शीर्षक, 'रण संवाद', मुझे बहुत दिलचस्प लगा। यह नाम ही चिंतन और मनन का विषय है। एक ओर 'रण' युद्ध और संघर्ष की कल्पना जगाता है तो दूसरी ओर 'संवाद' संवाद, चर्चा और सुलह की ओर इशारा करता है। पहली नजर में, ये दोनों शब्द विरोधाभासी लगते हैं। जहां युद्ध है, वहां संवाद कैसे हो सकता है और जहां संवाद हो रहा है, वहां युद्ध कैसे हो सकता है? लेकिन गहराई से देखें तो यही नाम हमारे समय की सबसे प्रासंगिक सच्चाइयों में से एक को अपने में समेटे हुए है।",रण-संवाद 2025 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "रण-संवाद का भारत में एक ऐतिहासिक आधार भी है और यह मुझे हमारे इतिहास की कई घटनाओं की याद दिलाता है जो हमें दिखाती हैं कि कैसे सभ्यतागत युद्धों का अर्थ 'रण' और संवादों का अर्थ 'संवाद' होता है और भारत में ये दोनों आपस में गुंथे हुए थे। हमारी संस्कृति में, संवाद युद्ध से अलग नहीं है। यह युद्ध से पहले होता है। यह युद्ध के दौरान होता है और युद्ध के बाद भी जारी रहता है। उदाहरण के लिए, महाभारत को ही लें, युद्ध को रोकने के लिए, भगवान कृष्ण शांति के दूत के रूप में गए। वे संवाद करने गए ताकि युद्ध को टाला जा सके।",उन्होंने कहा, "भविष्य के युद्ध केवल हथियारों की लड़ाई नहीं होंगे; वे प्रौद्योगिकी, खुफिया, अर्थव्यवस्था और कूटनीति का संयुक्त खेल होंगे। आने वाले समय में जो राष्ट्र प्रौद्योगिकी, रणनीति और अनुकूलनशीलता के त्रिकोण में निपुण होगा, वही सच्ची वैश्विक शक्ति के रूप में उभरेगा। सरल शब्दों में कहें तो यह इतिहास से सीखने और एक नया इतिहास लिखने का समय है; यह भविष्य का अनुमान लगाने और उसे आकार देने का समय है।",राजनाथ सिंह ने कहा, "आज, 21वीं सदी में, यह परिवर्तन और भी तेज हो गया है। सिर्फ सैनिकों की संख्या या हथियारों के भंडार का आकार अब पर्याप्त नहीं है। साइबर युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मानवरहित हवाई वाहन और उपग्रह-आधारित निगरानी भविष्य के युद्धों को आकार दे रहे हैं। सटीक निर्देशित हथियार, वास्तविक समय की खुफिया जानकारी और डेटा-संचालित जानकारी अब किसी भी संघर्ष में सफलता की आधारशिला बन गए हैं। आधुनिक युद्ध अब जमीन, समुद्र और हवा तक ही सीमित नहीं हैं; वे अब अंतरिक्ष और साइबरस्पेस तक फैल गए हैं। उपग्रह प्रणालियां, उपग्रह-रोधी हथियार और अंतरिक्ष कमान केंद्र शक्ति के नए साधन हैं। इसलिए, आज हमें केवल रक्षात्मक तैयारी की ही नहीं, बल्कि एक सक्रिय रणनीति की भी आवश्यकता है।",रण-संवाद 2025 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "भारत कभी भी युद्ध चाहने वाला राष्ट्र नहीं रहा है। हमने कभी किसी के विरुद्ध आक्रमण नहीं किया है। वर्तमान भू-राजनीतिक वास्तविकता बिल्कुल अलग है। हालांकि हमारी कोई आक्रामक मंशा नहीं है, फिर भी अगर कोई हमें चुनौती देता है तो यह जरूरी हो जाता है कि हम पूरी ताकत से उसका जवाब दें। ऐसा करने के लिए, हमें अपनी रक्षा तैयारियों को निरंतर बढ़ाना होगा। यही कारण है कि प्रशिक्षण, तकनीकी उन्नति और साझेदारों के साथ निरंतर संवाद हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।",(न्यूज एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ) यह भी पढ़ें- 'हमारे पास तैरने वाला F-35...',INS उदयगिरी और हिमगिरी की कमीशनिंग पर राजनाथ सिंह की दहाड़。”正在运送辣椒秧的胡许庄村农户白怀军说,现在镇村统一设置堆放点、统一回收处置,解决了他们的后顾之忧。

B | 姚王庄镇是设施蔬菜大镇,现有蔬菜大棚1.2万余座,年产各类蔬菜近40万吨。“蔬菜产业鼓起村民的腰包,却也带来农业废弃物处理难题。”姚王庄镇镇长张杰说,特别是每年大棚辣椒收获后,产生近4000吨废弃辣椒秧。

C | 这些辣椒秧堆在路边影响交通,还容易引发火灾,扔到沟里又堵塞河道,成了烫手山芋。去年以来,姚王庄镇将废弃辣椒秧处理纳入重点民生工程,专门建立工作队,探索出“镇统筹、村引导、集中回收、统一处理”的办法,系统推进废弃辣椒秧规范化、资源化利用。记者来到土桥村村口的废弃辣椒秧集中堆放点,只见农户开着农用车将废弃辣椒秧运到这里,工作人员操作专业设备装车,再运往下游的集中处理点。“我们共布局了8个集中堆放点,覆盖辣椒主要种植片区。”姚王庄镇干部刘昱辰说,他们与第三方公司合作,对废弃辣椒秧进行粉碎、发酵等专业技术处理,变成生物质燃料运往电厂。从无序废弃、污染环境到有序回收、变废为宝,在闭环流程下,废弃辣椒秧这一“生态包袱”变成了“绿色财富”。但姚王庄镇并不满足于现状。在张杰看来,让废弃辣椒秧不出田是更优解。在李庄村辣椒大棚里,一台机械正忙碌作业,“吃”进辣椒秧,“吐”出碎粉末,直接撒到地里。“今年,镇上引导我们种菜大户购买了3台棚用还田机,进行废弃辣椒秧还田试验,将其变成土地可以吸收的肥料。”李庄村党支部书记兼村委会主任李原原说。从集中回收处置到粉碎直接还田,姚王庄镇的创新实践,是唐山市推行的农业废弃物资源化合理利用的生动缩影。当地立足绿色农业发展理念,让秸秆等农业废弃物实现饲料化、肥料化、能源化、原料化和基料化利用。

D | 截至目前,姚王庄镇已累计处理废弃辣椒秧3000多吨。采访过程中,张杰电话不断,频繁与芦台、迁安、海港经开区等地的营养土生产企业洽谈合作事宜。“将废弃辣椒秧深加工用于生产营养土,是下一步的工作重点。”张杰说,推动资源循环利用、助力绿色农业发展,他们一直在努力。(日报记者 王育民)。



